मुंबई के आजाद मैदान में मातंग समाज का प्रदर्शन
आरक्षण उप-वर्गीकरण जल्द लागू करने की मांग
इंदौर/मातंग समाज को आरक्षण का न्यायसंगत लाभ दिलाने एवं आरक्षण में उप-वर्गीकरण (A-B-C-D) जल्द लागू करने की मांग को लेकर 29 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान में विशाल आरक्षण मोर्चा आयोजित किया गया। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मातंग समाज के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, मातृशक्ति, युवा साथी एवं वरिष्ठजन मोर्चे में सहभागी हुए। विशाल जनसमूह के कारण CST मुंबई क्षेत्र में भी यातायात प्रभावित हुआ।
मोर्चे में उमड़ी समाज की व्यापक भागीदारी और एकजुटता पर लहुजी शक्ति सेना (म.प्र.) एवं मांग (मातंग) समाज युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल साठे ने इंदौर से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मोर्चे में सहभागी सभी समाजबंधुओं, कार्यकर्ताओं, आयोजकों एवं मातृशक्ति का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
श्री साठे ने कहा कि 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा अनुसूचित जातियों के आरक्षण में उप-वर्गीकरण के संबंध में दिए गए फैसले के बाद राज्यों को संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है, इसलिए महाराष्ट्र में भी इस विषय पर शीघ्र ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
श्री साठे ने कहा, “जिस प्रकार अन्य राज्यों में अनुसूचित जाति आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, उसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार को भी बिना अनावश्यक विलंब के आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर न्यायसंगत आरक्षण उप-वर्गीकरण लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।”
मध्यप्रदेश सरकार भी ध्यान दे
अनिल साठे ने मीडिया के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार से भी आग्रह किया कि आरक्षण उप-वर्गीकरण के विषय पर गंभीरता से ध्यान देते हुए आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की जाए तथा संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप न्यायसंगत उप-वर्गीकरण लागू करने की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि मातंग समाज सहित उन समुदायों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जाना चाहिए, जिन्हें आरक्षण व्यवस्था का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। इसके लिए पारदर्शी डेटा, व्यापक अध्ययन और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
अनिल साठे ने कहा, “हमारी मांग किसी अन्य समाज के अधिकारों को कम करने की नहीं है। हमारी मांग है कि आरक्षण व्यवस्था के भीतर जिन समुदायों तक अपेक्षित लाभ नहीं पहुंच पाया है, उनकी वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर उन्हें न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित किए जाएं।”
श्री साठे ने कहा कि मुंबई में दिखाई गई समाज की एकजुटता सामाजिक जागरूकता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने की सामूहिक शक्ति को दर्शाती है। समाज की यह एकता और अखंडता आगे भी बनी रहे तथा समाजहित के विषयों पर सभी साथी इसी प्रकार शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें।
Leave a Reply