अधिकारियों का विद्यार्थियों के साथ हुआ यशस्वी संवाद
मुकाअ जिला पंचायत श्रेयांश कुमाठ, एएसपी करनदीप सिंह ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित

उज्जैन (राससे )/ मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उन्हेल में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कुमाठ एवं एएसपी करनदीप सिंह द्वारा विद्यार्थियों के साथ ‘यशस्वी संवाद’ किया गया। संवाद के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनकी रुचि, भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में चर्चा की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी आकांक्षाएं साझा कीं और अधिकारियों से अपनी जिज्ञासाओं के अनुरूप प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने सहजता से उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए सफलता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

संवाद के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करे तथा उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करे। जिस क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, उस क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों से संवाद करें, संबंधित कार्यक्षेत्र की जानकारी प्राप्त करें और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हैं।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जिस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उसके पाठ्यक्रम एवं अधिसूचना का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। परीक्षा के पूर्व के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें तथा शिक्षकों और अनुभवी व्यक्तियों से मार्गदर्शन लें। पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार की शंका होने पर बिना संकोच शिक्षकों से प्रश्न पूछें और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करें।
विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के महत्व से अवगत कराते हुए अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सही उपयोग शिक्षा एवं करियर निर्माण में सहायक हो सकता है। विद्यार्थी तकनीकों का उपयोग विषयों को समझने, अपनी शंकाओं का समाधान करने और अध्ययन को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक का सकारात्मक उपयोग विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के करीब पहुंचाने में मदद कर सकता है।
इस दौरान विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट स्वाध्याय के अंतर्गत कोडिंग सीखने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि वे भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल का विकास कर सकें।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करने तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां आना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे घबराने के बजाय आत्मविश्वास और साहस के साथ उनका सामना करना चाहिए। निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य के माध्यम से विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं तथा देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
शासकीय महाविद्यालय उन्हेल के विद्यार्थियों को भी मिला मार्गदर्शन
यशस्वी संवाद के दौरान अधिकारियों ने शासकीय महाविद्यालय, उन्हेल के विद्यार्थियों से भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं कौशल के अनुरूप करियर का चयन करने और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की सलाह दी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने से पहले उसके आधिकारिक नोटिफिकेशन, पात्रता, पाठ्यक्रम एवं परीक्षा प्रक्रिया को अच्छी तरह समझना चाहिए। साथ ही, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने तथा परीक्षा की तैयारी कर चुके अनुभवी व्यक्तियों से मार्गदर्शन लेने पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, आत्ममूल्यांकन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारी मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का सम्मान
संवाद के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस दौरान सीडीएम श्रीमती रंजना पाटीदार, सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षकगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे ।
जानिए – मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चलाई जा रही एक विशेष पहल है।
मुख्य बातें:
- शुरुआत और अवधि: यह अभियान 7 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है और 8 जनवरी 2027 तक चलेगा।
- ‘नो मीटिंग डे’ (शुक्रवार): इस अभियान के तहत हर सप्ताह के शुक्रवार को अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठकर बैठकें नहीं करते, बल्कि सीधे गांवों, कस्बों और मैदान में जाकर जनता से मिलते हैं।
- उद्देश्य:
- आम जनता और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना।
- स्कूलों, आंगनवाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, राशन की दुकानों और सरकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, सीएम हेल्पलाइन) के क्रियान्वयन का निरीक्षण करना।
- अधिकारियों और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: इस अभियान की गतिविधियों और सुझावों को दर्ज करने के लिए ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है।


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